GDP क्या है ? GDP कितने प्रकार के होते है ?

GDP क्या है ? GDP कितने प्रकार के होते है ?
GDP क्या है ? GDP कितने प्रकार के होते है ?

GDP क्या है ?

किसी भी देश , अपने राजनीतिक सीमा में निर्धारित समय में उसके खुद के वस्तुओं का उत्पादन और उनके सुबाओं का जो पूरा अंतिम मूल्य होता है , उसे उस देश की GDP कहते है ।
GDP देश के उत्पादों और सेवाओं का संपूर्ण मूल्य होता है । GDP से किसी भी देश का अर्थब्यस्था की शहद का पता चलता है ।
GDP की गिनती अमूमन हर साल होती है , लेकिन हमारे भारत देश में GDP की गणना हर तीन महीने में की जाती है।

GDP का fullform क्या है ?

GDP का fullform होता है Gross Domestic Product । इसका अर्थ है सकल घरेलू उत्पाद । यानी की किसी भी देश के घरेलू उत्पाद का संपूर्ण मूल्य है GDP । एक शब्द में कहा जाए तो देश की अर्थब्यस्था को मापने के लिए GDP का उपयोग किया जाता है ।

अगर चीन का एक कंपनी ने भारत में आ कर , उनके कंपनी का वस्तु उत्पादन करे तो , वो चीन के GDP में नही , भारत के GDP में गिना जाएगा । क्यू की वो भारत के सीमा में आ कर अपना व्यापार कर रहा है , इसीलिए वो कंपनी के उत्पादों को भारत के GDP में गिना जाएगा।

GDP कितने प्रकार के होते है ?

GDP जो होते है, ये होते है 2 तरह के

  • Nominal GDP
  • Real GDP

Nominal GDP क्या है ?

Nominal GDP ये होता है की , इसमें अर्थव्यवस्था में आर्थिक उत्पादन का आकलन किया जाता है । और इसकी गणना में वर्तमान के मौजूदा बाजार कीमतों के मूल्य सामिल होते है।

Real GDP क्या है ?

जब एक वर्ष में उत्पादित बस्तुओं और सेवाओं की जो मूल्य होती है , और उसकी गणना आधार वर्ष के मूल्य या स्थिर प्राइस पर की जाती है , तो GDP का वेल्यू प्राप्त होती है । उसे ही Real GDP कहा जाता है।

Nominal GDP और Real GDP का अंतर क्या है ?

एक साल में उत्पादित हो रहे बस्तूओं और सेवाओं की कीमत की जो गणना की जाती है , वो आधार वर्ष के स्थिर कीमत पर होती है। इस तरह का जो गणना की जाती है , उसे Real GDP कहते है|
और एक साल में हो रहे बस्तूओं और सेवाओं की एक कीमत की गणना जब , बाजार के मूल्य तथा वर्तमान कीमत पर की जाती है, उसे Nominal GDP कहते है।

Conclusion

GDP के माध्यम से देश का राजनीतिक सीमा में उत्पादित हो रहे वस्तुओं और चालू हो रहे सेवाओं का पुल अंतिम मूल्य का पाता चलता है। और GDP के कारण देश के अर्थव्यवस्था का पता चलने के साथ साथ देश के विकास की सेहत का भी पता चलता है।

Leave a Comment